जैन धर्म

जैन धर्म का उदय 6 वी सदी ईशा पूर्व  उत्तर पूर्वी भारत मे हुआ था जैन धर्म अहिंसा के ओत प्रोत भारत का सर्श्रेष्ठ धर्म था जिसका मूल उद्देश्य भारत में उत्पन्न होने वाले ब्राह्मणवाद  की श्रेष्ठता से एवं वेदो द्वारा उत्पन्न समाजिक भेदभाव के विरुद्ध एक ऎसे धर्म की स्थापना करना था जो जातिगत भेदभाव से दूर एवं समस्त जातिगत एवं आडंबर से दूर एक विकसित धर्म का विकास करना था इसकी  स्थापना  ऋषभदेव द्वारा की गई थी परन्तु इसके सबसे महत्वपूर्ण व 24 वे तीर्थ कर  महावीर स्वामी का नाम उल्लेखनीय है

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